MS DOS क्या है? What Is DOS Command In Hindi

MS DOS क्या है? What Is DOS Command In Hindi? इसके फायदे क्या है? और इसका इतिहास क्या है? DOS कमांड के विषय में इन सभी सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है!

कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में गहरी रूचि रखने वाले उपयोगकर्ताओं ने DOS के बारे में जरूर सुना होगा! लेकिन कई सारे ऐसे नए यूजर्स भी होंगे जिन्हें DOS कमांड के बारे में कुछ खास जानकारी नहीं होती!

तो उन्हीं दोस्तों के लिए आज का यह आर्टिकल तैयार किया है, जिसमें हमने DOS कमांड के विषय पर आसान शब्दों में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है, आइए सबसे पहले समझते हैं कि यह MS DOS क्या है? What Is DOS Command In Hindi?

MS DOS क्या है? What Is MS DOS In Hindi

एक ऑपरेटिंग सिस्टम जो Hard disk पर कार्य करें, उसे डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (DOS) के नाम से जाना जाता है और जब बात हो DOS की तो MS dos का नाम अक्सर हमें सुनने को मिलता है!

MS DOS नामक इस ऑपरेटिंग सिस्टम को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा विकसित किया गया है जिसके commands disk से संबंधित होते हैं। Ms dos ऑपरेटिंग सिस्टम कमांड लाइन CLI (Command Line Interface) पर based एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे Dos कमांड की सहायता से ही ऑपरेट किया जा सकता है!

जब यूजर कंप्यूटर को कोई कमांड देता है तभी यह कार्य करता है! ऑटोमेटिकली फंक्शन करना इस ऑपरेटिंग सिस्टम की खासियत नहीं होती इसलिए DOS ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिऐ कई सारे Commands यूजर को याद रखने पड़ते हैं!

मार्केट में Ms dos का इतिहास काफी पुराना है, अब तक इसके 8 वर्जन लॉन्च किए जा चुके हैं! प्रत्येक नए वर्जन के साथ इसमें कई उपयोगी फीचर्स Add किए गए हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को DOS को ऑपरेट करने में आसानी हो। हालांकि windows ऑपरेटिंग सिस्टम में मिलने वाले शानदार यूज़र इंटरफ़ेस की वजह से आज काफी कम लोग Ms dos का इस्तेमाल करते हैं परंतु आज भी कई कंप्यूटर्स में MS dos ऑपरेटिंग सिस्टम देखने को मिल जाता है।

List of Basic Internal Dos Commands and Their Uses in Hindi

CLS

window में आपके द्वारा दी गई सभी कमांड्स स्क्रीन पर देखने को मिलती हैं! लेकिन यदि आप cls कमांड को apply करते हैं तो स्क्रीन से सभी टेक्स्ट क्लियर हो जाएगा। पर आप window के टॉप पर आ जाएंगे।

CD

इस command का उपयोग एक अलग डायरेक्टरी बनाने के लिए किया जाता है, वर्तमान में आप जिस डायरेक्टरी में है उसके path को भी दिखाने में यह कमांड मदद करता है।

DIR

आपने current directory में जिस content को स्टोर किया गया है वे सभी कमांड DIR टाइप करने पर आपको स्क्रीन पर दिख जाएंगे! और आपको अपनी files एवं sub-directories की सूचना स्क्रीन पर मिल जाएगी।

Help

हेल्प कमांड से आपके सामने सभी कमांड की लिस्ट आ जाती है आपको प्रत्येक कमांड के डिस्क्रिप्शन एवं उनके कार्य की जानकारी मिल जाती है।

Notepad

यदि आप Dos का इस्तेमाल करते हुए विंडोस के नोटपैड टेक्स्ट एडिटर का यूज़ करना चाहते हैं तो आप इस कमांड का उपयोग कर सकते हैं।

Type

यदि आप type कमांड का उपयोग एमएस dos में करते हैं तो आपको टेक्स्ट फाइल के कंटेंट स्क्रीन पर देखने को मिल जाते हैं। कुछ अन्य Dos कमांड की जानकारी नीचे दी गई है इन commands को टाइप करके आप निम्नलिखित जानकारियां स्क्रीन पर पा सकते हैं!

Date

यदि आप Date टाइप करते हैं तो आपको वर्तमान तारीख पता चल जाती है,  साथ ही आप यहां से डेट को एडिट भी कर भी सकते है.

Copy

किसी फाइल को कॉपी कर किसी दूसरी लोकेशन में सेव करने के लिए इस कमांड का उपयोग किया जाता है।

Comp

यदि ms dos में दो फाइल्स के अंदर जो कॉन्टेंट मौजूद है, उनके बीच में कंपैरिजन करना हो तो आप comp कमांड का यूज़ करें!

Del

इस कमांड के इस्तेमाल से आप एक या एक से अधिक फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं।

Edit

Ms dos के ऑफिशियल टेक्स्ट एडिटर को run कर सकते हैं।

Color

यदि आप dos का इस्तेमाल करते हुए इसके layout को चेंज करना चाहते हैं तो कलर कमांड से आप टेक्स्ट एवं बैकग्राउंड के कलर को चेंज कर सकते हैं।

Move

files को एक डायरेक्टरी से किसी दूसरी डायरेक्टरी तक move करने के लिए move कमांड का इस्तेमाल होता है!

Start

जब आप स्टार्ट कमांड टाइप करते हैं तो आप एक बार फिर से नई विंडो में पहुंच जाते हैं जहां से आप प्रोग्राम एवं कमांड को run कर पाएंगे।

Time

Dos में वर्तमान समय क्या है? यह जानने के लिए आपको ms dos में Time टाइप करना होगा और आपके सामने वर्तमान समय show हो जाएगा आप भी यहां से टाइम को एडिट कर सकते हैं।

Tree

यह एक महत्वपूर्ण कमांड है जो किसी ड्राइव या डायरेक्टरी के स्ट्रक्चर को एक ट्री के आकार में show करती है जहां से आप फाइल्स की लोकेशन को आसानी से पता कर पाते हैं।

FTP

server के माध्यम से जब फाइल्स को ट्रांसफर करने का कार्य किया जाता है तो ftp कमांड Dos में उपयोग की जाती है।

Ipconfig

वर्तमान आईपी एड्रेस को चेक करने के लिए Ms dos में यह कमांड टाइप करें।

At

इस Dos कमांड का इस्तेमाल कर कमांड्स तथा प्रोग्राम्स को execute करने का एक टाइम शेड्यूल कर सकते हैं, जिससे उसी टाइम पर वह कमांड perform करेगा।

Break

DOS में यदि आप CTRL+C के कार्य को ( copy) फीचर को disable करना चाहते हैं तो आप इस copy कमांड का यूज कर सकते हैं।

Compact

किसी फाइल को कंप्रेस करने के लिए आप dos के इस कमांड का इस्तेमाल करें।

Driverquery

आपके डिवाइस में इंस्टॉल किए गए सभी डिस्क ड्राइवर्स की लिस्ट इस कमांड को एंटर करते ही show हो जाएगी।

Erase

इस कमांड का उपयोग कर आप कंप्यूटर से किसी भी फाइल को हमेशा के लिए डिलीट कर सकते हैं

GOTO

किसी भी Batch फाइल को किसी स्पेसिफिक label या लोकेशन में move करने के लिए GOTO कमांड का इस्तेमाल करें।

Logoff

इस कमांड का उपयोग कर आप कंप्यूटर में जिस प्रोफाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे अपने कंप्यूटर से Logoff भी कर सकते हैं.

mkdir

DOS के एक useful कमांड्स में से एक जिससे आप एक नई डायरेक्टरी create कर सकते हैं।

Pause

जैसे ही आप इस कमांड को टाइप कर enter प्रेस करते हैं current कमांड की प्रोसेसिंग वही स्टॉप हो जाती है।

Print

डाटा को keyboard के जरिए पेपर में प्रिंट करने के लिए प्रिंट कमांड यूज होता है।

rd

आपके PC में जितनी भी डायरेक्टरीज खाली पड़ी हुई हैं, उन्हें यह Dos कमांड रिमूव कर देगा।

sc

यह dos कमांड कंप्यूटर के सर्विस कंट्रोल मैनेजर & service के साथ communicate करती है। साथियों यह सभी उपयोगी Ms dos कमांड हैं, जिनके बारे में एक dos यूजर को जरूर पता होना चाहिए।

एक तरफ जहां Dos एक टेक्स्ट बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसमें हम कीबोर्ड से कोई भी डाटा इनपुट करते हैं तो मॉनिटर में हमें वह डाटा प्लेन टेक्स्ट के रूप में स्क्रीन पर देखने को मिलता है! लेकिन इसके उलट disk ऑपरेटिंग सिस्टम और भी काम करता है इसके भी कुछ अपनी खूबियां हैं अतः अब हम इससे होने वाले फीचर्स के बारे में जान लेते हैं.

Features of DOS in Hindi

फाइल्स मैनेजमेंट के लिए शानदार ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसमें फाइल्स को edit, create एवं Delete किया जा सकता है। यह एक सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम है अर्थात multi-users इसका इस्तेमाल विंडोज की तरह नहीं कर सकते हैं।

Dos ऑपरेटिंग सिस्टम में maximum storage 2 GB तक का होता है. यह ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस को सपोर्ट नहीं करता।

DOS ऑपरेटिंग सिस्टम के फायदे?

डिस्क स्पेस कम होने की वजह से Ms dos ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किसी भी low स्पेसिफिकेशन वाले कंप्यूटर में किया जा सकता है! अतः कंप्यूटर को बूट करने पर ms dos की स्पीड, Windows की तुलना में काफी अधिक देखने को मिलती है।

यह 16 BIT ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि लाइटवेट ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक है! इसलिए हार्डवेयर के साथ यह ऑपरेटिंग सिस्टम मिलकर सपोर्टेबल कार्य करता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए माउस की आवश्यकता नहीं पड़ती! आप keyboard की सहायता से बेसिक कमांड्स की जानकारी रखते हुए इसे ऑपरेट कर सकते हैं।

Bios तथा अन्य हार्डवेयर का डायरेक्ट सपोर्ट इस ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर देखने को मिल जाता है। windows की तरह यह भी पूरी तरह मुफ्त ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे आज भी कई सारे नए लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम में उपयोग किया जाता है। इसके जहां कई फायदे हैं तो उस दूसरी तरफ इसके कुछ नुकसान भी हैं! इसमें सबसे बड़ा नुकसान disk space में कमी होने की वजह से यह मल्टी टास्किंग को सपोर्ट नहीं करता। आप multi प्रोग्राम्स को इसमें एक साथ नहीं चला सकते जो आज के दौर में इसका सबसे बड़ा नुकसान है।

DOS का के बारे में जानने के बाद अब हम आगे बढ़ते हैं, और समझते हैं एक Windows और DOS ऑपरेटिंग सिस्टम में क्या क्या मुख्य अंतर होता है!

Difference Between Doors and Windows in Hindi

DOS

DOS एक single tasking OS है, इसका मतलब है कि हम एक बारी में एक task को ही इस ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर अंजाम दे सकते हैं!

वहीं दूसरी तरफ windows मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसमें हम अलग-अलग Applications को Run करके अपने काम को आसान बनाते हैं।

Less Power

अपनी functionality की वजह से DOS ऑपरेटिंग सिस्टम कम पावर consume करता है। इससे इलेक्ट्रिसिटी की बचत होती है.

वहीं दूसरी तरफ विंडोज कंप्यूटर में हम एक साथ कई tasks को कर सकते हैं इसलिए यह high power consume करते हैं।

Less Memory

विंडोज की तुलना में डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (DOS) कम मेमोरी में भी सभी functions को करने योग्य होता है! वही एक विंडोज कंप्यूटर अधिक मेमोरी खर्च करता है!

Networking

डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम नेटवर्किंग को सपोर्ट नहीं करता है! आप इसमें विभिन्न कंप्यूटर्स को नहीं कनेक्ट कर सकते! जबकि इस मामले में विंडोज नेटवर्किंग को सपोर्ट करता है, इस ऑपरेटिंग सिस्टम में कई सारे कंप्यूटर एक साथ कनेक्ट किए जा सकते हैं।

User Interface

यूजर इंटरफेस के मामले में डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम beginners के लिए यूज करने में अधिक कठिन होता है। वहीं दूसरी तरफ windows को कोई भी यूजर कुछ ही मिनटों में ऑपरेट करना सीख सकता है।

Graphics

यह विंडोस से काफी अलग है क्योंकि यह ऑपरेटिंग सिस्टम एक कमांड लाइन ऑपरेटिंग सिस्टम है जोकि ग्राफिक्स को सपोर्ट नहीं करता। वहीं दूसरी तरफ windows एक कंप्यूटर ग्राफिकल ऑपरेटिंग सिस्टम है।

Use

विंडोज की तुलना में dos ऑपरेटिंग सिस्टम सामान्यया कम यूज में लिए जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ विंडोज पूरी दुनिया में एक पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है इसलिए बड़ी संख्या में इस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।

Multimedia

सबसे बड़ा अंतर यह है कि Dos में आप games, music songs इत्यादि प्ले नहीं कर सकते। वहीं दूसरी तरफ विंडोज मल्टीमीडिया को सपोर्ट करता है इसमें गेम्स, मूवीस, सॉन्ग को आसानी से चलाए जा सकता हैं।

Speed

dos ऑपरेटिंग system विंडोज की तुलना में फास्ट परफॉर्म करने के लिए बने हुए हैं! वहीं इसकी तुलना यदि windows से की जाए तो इसकी फंक्शनैलिटी की वजह से इसमें tasks slowly perform होते हैं।

Window

ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बार में केवल एक ही window ओपन होती है और उसी पर काम किया जा सकता है। वही विंडोज में आप एक साथ विभिन्न प्रोग्राम तथा window को ओपन कर कर सकते हैं।

Pointing Device

DOS ऑपरेटिंग सिस्टम को चलाने के लिए आपको किसी pointing डिवाइस की जरूरत नहीं है आप कीबोर्ड से आसानी से इस को पूरी तरह कंट्रोल कर सकते हैं।

जबकि दूसरी तरफ विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में माउस लाइट पेन जैसे pointing devices की आवश्यकता होती है। तो साथियों इस तरह आपने जाना Windows और DOS के बीच मुख्य अंतर को.

उम्मीद है की अब आपको MS DOS और DOS Commands से जुड़ी पूरी जानकारी मिल गयी होगी और आप जान गये होगे की MS DOS क्या है? What Is DOS Command In Hindi? इसके फायदे क्या है? और इसका इतिहास क्या है? All About MS DOS In Hindi?

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Hope की आपको MS DOS क्या है? What Is DOS Command In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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