11 Bad SEO Techniques जिनसे आपको बचना चाहिये

SEO आपकी वेबसाइट ट्रैफिक बढ़ाने का शानदार तरीका है लेकिन सही SEO बहुत जरूरी है।

Bad SEO techniques आपकी वेबसाइट या ब्लॉग को बर्बाद कर सकती हैं। यह लगातार आपके वेब पेज, सर्च रैंकिंग, ट्रैफिक और conversions को प्रभावित करती है और आपका पेज गूगल सर्च रिजल्ट के चौथे या 5 वें पेज में दिखाई देंगे।

आज इस आर्टिकल में मैं कुछ bad SEO tactics को शेयर करने वाल हूँ जो आपकी Search Visibility को प्रभावित कर सकते है।

Bad SEO Techniques in Hindi

1. Variations के बिना Target Keyword का उपयोग करना

यह प्रायः कई ब्लॉगर्स द्वारा किया जाता है जो अपने ब्लॉग पोस्ट में केवल एक target keyword का उपयोग करते हैं। लेकिन यह बिल्कुल गलत है।

ब्लॉग पोस्ट में Variations के साथ Target Keyword का उपयोग करें। यह SEO technique आपकी कंटेंट को सर्च रिजल्ट में टॉप रैंक प्राप्त करने में सहायता करती है।

Search engines आपके पेज टॉपिक को समझने के लिए target keywords, related terms, keyword variations, और synonyms का उपयोग करते हैं।

यदि आप अपनी कंटेंट में अच्छे keyword variations add करना चाहते हैं, तो इस असान मेथड का उपयोग करें:

  • Google पर जाएं
  • अपना target कीवर्ड टाइप करें
  • सर्च रिजल्ट को स्क्रॉल करें, यहां आपको टार्गेट कीवर्ड से related बेहतरीन keywords दिखाई देंगे।
Bad SEO Techniques

इसके अलावा यहाँ एक detailed गाइड है: Keyword Research Kaise Kare

2. ब्लॉग पोस्ट छोटा लिखना

SEO Friendly Article Kaise Likhe

Short content गूगल सर्च रिजल्ट में अच्छा परफॉर्म नहीं करती है। लेकिन अगर आप सोचते है कि छोटी कंटेंट आपकी सर्च रैंकिंग को बढ़ा सकती है तो आप गलत सोच रहे हैं।

Google छोटी कंटेंट को thin और underdeveloped कंटेंट के रूप में देखता है।

गूगल छोटी कंटेंट को महत्व नहीं देता है और ऐसी कंटेंट में quality की कमी को देखता है। साथ ही यह भी सोचता है कि यह रीडर की समस्या को हल नहीं कर सकता है।

यह user engagement और साइट रैंकिंग को भी कम करता है। लेकिन कुछ short-form content सर्च इंजन में बहुत अच्छा परफॉर्म करती है।

3. Duplicate Content

वेबसाइट ओनर या ब्लॉगर द्वारा यह सबसे आम गलती है। डुप्लिकेट कंटेंट एक समान या एक दूसरे कंटेंट से मेल खाते हैं। यदि आप डुप्लिकेट कंटेंट को ठीक करते हैं, तो SEO में काफी सुधार होगा।

गूगल fresh content अधिक पसंद करता है और यह fresh और unique कंटेंट को अच्छी रैंक प्रदान करता है।

डुप्लिकेट कंटेंट से निपटने के लिए गूगल ने एक आर्टिकल शेयर किया है। इसके अलावा, Yoast ने भी डुप्लिकेट कंटेंट पर एक अच्छा आर्टिकल शेयर किया है।

यदि आप अपने ब्लॉग पर डुप्लिकेट कंटेंट पब्लिश करते हैं, तो आप अपने ब्लॉग के लिए cockroaches जमा कर रहे हैं।

4. Content को Over Optimize करना

Content optimizing बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन over optimization आपकी कंटेंट को बेकार बना देते है। गूगल ऐसी कंटेंट को कभी भी रैंक नहीं करता है।

ऐसे कई ब्लॉगर्स हैं जो कंटेंट को SEO friendly बनाने के लिए content को over-optimize करते हैं जो गूगल सर्च इंजन के खिलाफ है।

इसलिए, जब आप कंटेंट लिखते हैं, तो human readability और search engines दोनों का ख्याल रखें। यहाँ एक गाइड है – SEO Friendly Blog Post Kaise Likhe 

5. Keyword Stuffing

कंटेंट में कीवर्ड शामिल करना बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि आप हर जगह अपनी कंटेंट में कीवर्ड add करते हैं और सोचते हैं कि आपकी सर्च रैंक बढ़ जाएगी, तो आप बिल्कुल गलत हैं।

कीवर्ड का अधिक उपयोग आपकी कंटेंट को spammy content बनाता है, जो bad SEO techniques से संबंधित है।

Keyword stuffing या overusing Keyword कंटेंट रैंकिंग बूस्ट नहीं करते है, यह आपकी कंटेंट को यूजर के लिए unnatural और बेकार बनाते है। यहाँ एक गाइड है – Keyword Density in SEO Hindi

6. साईट के लिए  Backlinks खरीदना

Backlinks आपकी वेबसाइट ट्रैफिक और रैंकिंग में बड़ा बदलाव ला सकते है।

लेकिन यदि आप बैकलिंक्स खरीदते हैं, तो यह bad SEO tactics को संदर्भित करता है और आपको Google पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि ऐसे Backlinks में low quality और pornographic sites के links शामिल होते हैं।

Backlinks हमेशा relevant और well-ranking वेबसाइट से बनाएं। यदि आप अपनी साईट के लिए bad और low-quality backlinks बनाते हैं, तो यह आपकी Website SEO को बुरी तरह नुकसान पहुंचा सकता है।

7. Fast & Mobile-Friendly Experience को भूलना

कोई भी slow loading website पर जाना पसंद नहीं करता है।

SEO केवल कंटेंट और कीवर्ड तक ही सीमित नहीं है। यह परफॉरमेंस और डिजाईन पर भी निर्भर करता है। गूगल सर्च इंजन बेहतर user experience के लिए fast loading और mobile-friendly को रैंकिंग फैक्टर के रूप में उपयोग करता है।

8. SEO Friendly URLs Create न करना

यदि आप अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए non-SEO friendly और longer URLs का उपयोग करते हैं, तो यह आपके कंटेंट की SEO को प्रभावित करता है।

अपनी ब्लॉग पोस्ट URLs को targeted keywords के साथ छोटा और search engine friendly बनाएं। यहाँ एक बहुत अच्छी गाइड है – SEO Friendly URL Create Kaise Kare

हमेशा ऐसे URLs से बचें:

http://justbrightme.com/p=123

http://justbrightme.com/5/10/17/category=SEO/of-page-seo-best-web-optimization

हमेशा इस तरह के URL का उपयोग करें:

http://justbrightmr.com/page-seo-techniques/

9. Keyword Research पर ध्यान नहीं देना

SEO पूरी तरह से Keyword Research पर आधारित है।

Keyword research आपके ट्रैफ़िक को बूस्ट करता है और आपकी कंटेंट को अधिक SEO friendly बनाता है। इसलिए, कोई भी आर्टिकल लिखने से पहले उसके लिए keyword research जरूर करें।

लेकिन कई ऐसे नए ब्लॉगर्स हैं जो Keyword research नहीं करते हैं और यह एक bad SEO content tactics है।

10. Title Tags & Meta Descriptions ऑप्टिमाइज़ नहीं करना

यदि आप Title Tags और Meta Descriptions को सही तरीके से ऑप्टिमाइज़ नहीं करते हैं, तो आप अपनी कंटेंट क्षमता को और बेहतर बनाने का अवसर खो देते हैं।

नोट: Meta Descriptions रैंकिंग फैक्टर में उतनी मायने नहीं रखती है पर कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन की बात आती है, तो हम एक छोटी सी बात चीज को नहीं छोड़ सकते है।

जब सर्च इंजन आपकी कंटेंट को क्रॉल करते है, तो वे पहले आपके Title Tags और Meta Descriptions को देखते हैं। यदि आप इसे ठीक से ऑप्टिमाइज़ करते हैं तो यह सर्च इंजन में अच्छा प्रदर्शन करेगा।

11. Regularly कंटेंट पब्लिश न करना

यदि आप Regularly अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर पोस्ट पब्लिश नहीं करते हैं, तो आपको गूगल सर्च में अच्छा रिजल्ट नहीं मिल सकता है।

इसलिए, यदि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर से अधिक आर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको regularly कंटेंट पब्लिश करने की आवश्यकता है। वे ब्लॉगर्स जो regularly कंटेंट पब्लिश करते हैं, वे सर्च इंजन से अच्छे ट्रैफिक प्राप्त करते हैं।

छोटा सा निवेदन, अगर यह आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हुई है, तो इसे शेयर करना न भूलें!

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